॥ संतोषी माता व्रत कथा ॥ एक स्त्री थी, सत्यवती नाम। संतोषी माता का व्रत करती, हर गुरुवार नाम। गुड़ और चने का भोग लगाती, कथा सुनाती नाम। संतोषी माता प्रसन्न होती, मनोकामना पूरी करती नाम॥ कठिनाई आई, संतोषी माता सहाय। व्रत की शक्ति से, सब दुःख दूर भगाय॥ जो गुरुवार व्रत करै, संतोषी माता का ध्यान। सुख सौभाग्य संपत्ति पावै, यही कथा की कहानी॥
॥ इति ॥
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